भूमि अधिग्रहण कानून से देश के जाने माने समाजशास्त्रियों ने चिंता जाहिर की है और अन्ना हजारे जी के नेतृत्व में देश व्यापी आंदोलन की घोषणा भी कर दी गयी है
वही अरुण जेटली वित्त मंत्री भारत सरकार ने अपने आर्टिकल में इसे सही बताया है
इस देश का दुर्भाग्य है
इतिहास के कुछ पृष्टो
की कालिमा वर्तमान में
इतिहास की साक्छी बनी हुई है
भीष्म और द्रोण
सत्ता से बंधे
द्रोपदी के चीर
पर मूक बन
क्या दे गए विरासत में
आज का बुद्धिजीवी समाज
का बड़ा हिस्सा
भारत माता के चीर
का साक्छी
मूक
ढो रहा
है विरासत को
इक़बाल सिंह